हरिद्वार – वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से हैरान-परेशान लोगों के बीच देश-विदेश के गायत्री परिवार सेवा कार्य में जुटा है। शांतिकुंज के तत्वावधान में नेपाल सहित देशभर के गायत्री परिवार के प्रांतीय जोनल समन्वयकों, जिला समन्वयकों की वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। इस संगोष्ठी में देश भर में कोरोना काल में चलाये जा रहे सेवा कार्यों की प्रगति रिपोर्ट के साथ जरुरतमंदों तक तत्परता के साथ राहत सामग्री पहुंचाने हेतु निर्देश दिये गये। तो वहीं वातावरण के परिशोधन हेतु बुद्ध पूर्णिमा को देश भर के 24 लाख घरों में एक साथ-एक समय में विशेष जड़ी-बूटियों द्वारा निर्मित हवन सामग्री से गायत्री यज्ञ करने का निर्णय लिया गया। कोविड-19 के अनुशासनों का पालन करते हुए घर-घर यज्ञ कराये जायेंगे।

वर्चुअल संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डब्ल्यूएचओ में योग विशेषज्ञ एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डाॅ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि इस विषम वेला में हम सभी को एकजूट होकर सेवा कार्य करना है। इसमें जरुरतमंदों तक भोजन व अन्य राहत सामग्री, दवाइयां, आॅक्सीजन सिलेण्डर, एम्बुलेंस सेवा आदि से लेकर आध्यात्मिक उपायों को प्राथमिकता के साथ करने हैं। डाॅ चिन्मय पण्ड्या कहा कि कोरोना की लड़ाई में जुटे योद्धाओं के मानसिक सुदृढ़ता हेतु भवगत्वसत्ता से प्रार्थना एवं वातावरण के परिशोधन के लिए बुद्ध पूर्णिमा के दिन एक साथ एक ही समय में घर-घर हवन करने किया जाना है। राष्ट्रीय जोनल समन्वयक डाॅ ओपी शर्मा ने कहा कि इस समय जरुरतमंदों की सेवा को ही उपासना, साधना मानकर करने आवश्यकता है। सेवा कार्य वसुधैव कुुटुम्बकम के भाव से करेंगे, तो निश्चय ही सफलता मिलेगी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात एवं दमन-दीव में कोरोनाकाल के बीच चक्रवाती ताउते ने भारी तबाही मचाई है। अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डाॅ प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी के निर्देशन में राहत कार्य में गायत्री परिवार जुटा है। उन्होंने बताया कि ताउते एवं कोरोना के कारण हताहत हुए एवं जरुरतमंद परिजनों के घर-घर पहुंचकर राहत सामग्री व अन्य सेवा कार्य किया जा रहा है। इस असवर पर प्रो वीपी त्रिपाठी, प्रो. प्रमोद भटनागर, परमानंद द्विवेदी, जयसिंह यादव, उदय किशोर मिश्र, योगेन्द्र गिरि, सुखदेव निर्मलकर सहित सभी जोन प्रभारी उपस्थित रहे।  
इससे पूर्व कोरोना एवं चक्रवाती तूफान से दिवंगत हुई आत्माओं की शांति एवं सद्गति के लिए दो मिनट मौन श्रद्धांजलि दी गयी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *