गोपाल रावत
हरिद्वार, 15 सितंबर – श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा द्वारा पूरे उत्तराखंड तथा चारों धाम की यात्रा पर जाने वाली पावन पवित्र छड़ी यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में आज हिमालय पीठाधीश्वर पीठाधीश्वर महंत वीरेंद्र आनंद गिरि महाराज, उपाध्यक्ष महंत महेश पुरी महाराज और कोठारी महंत भीष्म गिरि महाराज के नेतृत्व में साधु-संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप से भेंट कर ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छड़ी यात्रा की तैयारियों, मार्ग व्यवस्था, सुरक्षा और शासन-प्रशासन के सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा की।
संतों ने बताया कि यह पवित्र छड़ी यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के तीर्थों के विकास के लिए प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली संकल्प यात्रा है। इस यात्रा के माध्यम से अखाड़ा सीमांतवर्ती क्षेत्रों में पलायन रोकने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा वहां के निवासियों को शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, विद्युत और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं की भी तलाश करता है।
हिमालय पीठाधीश्वर महंत वीरेंद्र आनंद गिरि महाराज ने कहा कि सीमांत गांव ही देश की सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं, यदि वहां सुविधाएं पहुंचेंगी तो पलायन रुकेगा और तीर्थाटन को भी नया आयाम मिलेगा। उन्होंने गढ़वाल मंडल प्रशासन से यात्रा को सुगम और सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा जताई।
गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रशासन छड़ी यात्रा के सफल आयोजन के लिए हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के उद्देश्यों से शासन भी सहमत है और तीर्थ विकास के साथ सीमांत विकास का यह मॉडल अनुकरणीय है।
