हरिद्वार/दार्जिलिंग, 15 सितंबर – वर्ष 2027 में भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती के अवसर पर माउंट एवरेस्ट आरोहण के पूर्वाभ्यास हेतु भारतीय तटरक्षक बल की माउंटेनियरिंग टीम (The Indian Coast Guard Mountaineering Team) हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI), दार्जिलिंग के सहयोग से गढ़वाल हिमालय स्थित 7,130 मीटर ऊंची माउंट मुकुट ईस्ट (Mt. Mukut East) चोटी के रोमांचक एवं चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण अभियान पर निकली है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण महाराज ने उक्त दल को आशीर्वाद, मार्गदर्शन व शुभकामनाएँ देकर रवाना किया।

इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हिमालय की दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से आयोजित यह अभियान भारतीय तटरक्षक बल के साहस, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा की भावना का परिचायक है। अपनी जल सेना, थल सेना, अर्धसैनिक बलों की बदौलत हम सुरक्षित हैं, देश सुरक्षित है। इनकी वीरता, पराक्रम तथा देश के लिए मर मिटने की भावना इनको कुछ भी कर गुजरने के लिए ऊर्जा देती है। उसी ऊर्जा के साथ ये हिमालय के आरोहण के लिए जा रहे हैं। निश्चित रूप से ये अपने अभियान में सफल होंगे और नवीन ऊर्जा व सकारात्मकता प्राप्त करके लाैटेंगे जाे देश के लिए काम आएगी। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि का ध्येय है कि जितना बन पाए हम सबके साथ खड़े हों। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारतीय तटरक्षक माउंटेनियरिंग टीम एवं हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह अभियान भारतीय पर्वतारोहण की साहसिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को भी प्रकृति, अनुशासन, साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल कर्नल रजनीश जोशी ने कहा कि हिमालय की ऊंचाइयों पर प्रत्येक कदम शक्ति, प्रत्येक चुनौती के सामने साहस, प्रत्येक निर्णय में विवेक तथा हिमालय की विराटता के समक्ष विनम्रता का प्रतीक होगा। अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय तिरंगे को माउंट मुकुट ईस्ट के शिखर पर गर्वपूर्वक फहराना है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी से आशीर्वाद लेकर इस अभियान की शुरूआत करना सौभाग्य की बात है। आचार्य बालकृष्ण का आशीर्वाद एक आध्यात्मिक संबल और प्रेरणा है। उनके शुभाशीष से अभियान के प्रत्येक सदस्य में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होगा।

भारतीय तटरक्षक बल की माउंटेनियरिंग टीम के वरिष्ठ अधिकारी कमांडेंट विश्वजीत ने कहा कि माउंट मुकुट ईस्ट अभियान न केवल एक पर्वतारोहण चुनौती है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति समर्पण और सेवा की भावना को हिमालय की ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि माउंट एवरेस्ट अभियान से पूर्व माउंट मुकुट ईस्ट पर विजय प्राप्त करने का किसी भी तटरक्षक बल का प्रथम प्रयास है। प्रतिकूल मौसम, दुर्गम भू-भाग और अत्यधिक ऊंचाई जैसी चुनौतियों के बीच टीम के सदस्य अपने प्रशिक्षण, सामूहिक प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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