हरिद्वार, 26 मई – जनपद को स्वच्छ बनाने इव जलभराव से मुक्त करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभाव अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के सभी क्षेत्रों में नालों एवं नालियों की सफाई का कार्य त्वरित गति से कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया था कि मानसून से पूर्व जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इन निर्देशों के अनुपालन में संबंधित विभागों एवं अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कार्य में तेजी लाई गई है। जनपद में चल रहे स्वच्छता अभियान के अंतर्गत कूड़ा उठान एवं ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के साथ-साथ अब तीसरे चरण में नालों एवं नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस क्रम में सभी नगर निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों को नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि समय से पूर्व नालों-नालियों की सफाई न होने पर एक ओर जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, वहीं दूसरी ओर कीट-पतंगों एवं जलजनित रोगों के कारण डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में पूर्व में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है।

जनपद के खानपुर, नारसन, रुड़की, नगर निगम हरिद्वार, बीएचईएल सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर नालियों की सफाई कराई गई है। इस कार्य की जनसामान्य द्वारा सराहना की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून से पूर्व इस प्रकार का व्यापक सफाई अभियान पूर्व में नहीं देखा गया। वर्तमान समय में नालों एवं नालियों में जल की मात्रा कम होने के कारण सफाई कार्य के लिए यह अनुकूल समय है, जिससे कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

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