हरिद्वार, 15 अक्टूबर – नवरात्रों के अवसर पर हरिद्वार जिला कारागार में भी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहे बंदी ना सिर्फ रामलीला का मंचन कर रहे हैं, बल्कि अपने अभिनय से दिल भी जीत रहे हैं। खास बात ये है कि इस रामलीला में विभिन्न धर्मों के बंदी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
हरिद्वार जिला कारागार में बंदियों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान किया जा रहा है। यहां बंदी रोजाना घंटों अभ्यास करते हैं और शाम को रामलीला का मंचन करते हैं। मंच पर इनका अभिनय किसी पेशेवर कलाकार से कम नजर नहीं आता। जेल प्रशासन कलाकार बंदियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रहा है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या का कहना है कि रामलीला और अन्य धार्मिक आयोजनों में भागीदारी से बंदियों के मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उनके भीतर रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है।
रामलीला में अभिनय कर रहे बंदी भी जेल प्रशासन की पहल की सराहना करते हैं। उनका कहना है कि रामलीला में हिस्सा लेते समय उन्हें जेल में होने का एहसास नहीं होता। वे पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपने किरदार निभाते हैं। इस आयोजन की खास बात ये भी है कि इसमें हिंदू ही नहीं, बल्कि अन्य संप्रदायों के बंदी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। रामलीला के जरिए ये बंदी अपनी प्रतिभा को दर्शाने के साथ सकारात्मक सोच की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं।
जेल की चारदीवारी के भीतर रामलीला का मंचन संदेश दे रहा है कि प्रतिभा को सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता है, और बदलाव की शुरुआत एक सकारात्मक विचार से भी की जा सकती है।
